फरक्का जल संधि में बिहार के हितों की अनदेखी, संशोधन की उठी मांग

• नीतीश संवाद कार्यक्रम को लेकर जदयू की बैठक, 4 नवंबर को कटिहार में होगा जिला स्तरीय आयोजन

मनिहारी (कटिहार)। जदयू प्रखंड अध्यक्ष मंजय साह की अध्यक्षता में शनिवार को मनिहारी के नवाबगंज स्थित उनके आवास पर फरक्का जल संधि को लेकर नीतीश संवाद कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में बैठक हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में कदवा विधायक दुलालचंद गोस्वामी तथा एससी-एसटी आयोग के पूर्व अध्यक्ष शंभू कुमार सुमन शामिल हुए। इस दौरान जिले के कई जदयू नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बैठक में भारत-बांग्लादेश के बीच फरक्का जल संधि को बिहार के हितों के विपरीत बताते हुए इसमें संशोधन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। विधायक दुलालचंद गोस्वामी और शंभू कुमार सुमन ने कहा कि वर्ष 1995 में तत्कालीन केंद्र सरकार द्वारा बांग्लादेश के साथ गंगा जल बंटवारे को लेकर संधि की गई थी, लेकिन इसमें बिहार के हितों की अनदेखी हुई।
वक्ताओं ने कहा कि बिहार प्रत्येक वर्ष बाढ़ और सुखाड़ जैसी गंभीर समस्याओं से जूझता है। गंगा नदी में गाद जमा होने से कटाव की समस्या बढ़ती है, जिससे जान-माल के नुकसान के साथ सरकार को भी भारी राशि खर्च करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि 16 दिसंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश जल संधि का नए सिरे से नवीनीकरण प्रस्तावित है। इसी को देखते हुए पूर्व की संधि की त्रुटियों को दूर करने के लिए नीतीश संवाद कार्यक्रम के माध्यम से आवाज उठाई जा रही है।
बैठक में गंगा नदी से बिहार को पर्याप्त जलापूर्ति, बाढ़ से बचाव तथा नदी से गाद की सफाई सुनिश्चित करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि संधि की पुरानी खामियों को दूर करना बिहार के हित में जरूरी है। बैठक में प्रकाश मौआर, विजय कृष्ण सिंह, सुमति देवी सहित बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता उपस्थित थे। आगामी 4 नवंबर को कटिहार में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।