News4Bihar | मुजफ्फरपुर :पिछले पंचायत चुनाव में मतदान में गड़बड़ी के आरोपी बीडीओ को बचाने के मामले में अब आधा दर्जन अधिकारी खुद फंसते नजर आ रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बताया जाता है कि मुशहरी प्रखंड के तत्कालीन बीडीओ पर मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगा था। राज्य निर्वाचन आयोग ने जांच के बाद आरोप को सही पाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बावजूद अधिकारियों ने आरोप पत्र दाखिल करने में करीब साढ़े तीन साल की देरी कर दी।
चौंकाने वाली बात यह है कि बीडीओ के सेवानिवृत्ति से महज दो दिन पहले ही आरोप पत्र दाखिल किया गया। इससे विभाग में नाराजगी है और इसे लापरवाही के साथ-साथ आरोपी को बचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
मुखिया पद के उम्मीदवार का बदला गया था चुनाव चिह्न
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब पंचायत चुनाव के दौरान एक मुखिया प्रत्याशी का चुनाव चिह्न बदल दिया गया। इस पर प्रत्याशी ने पहले निर्वाची पदाधिकारी से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर राज्य निर्वाचन आयोग तक मामला पहुंचाया।
आयोग ने जांच के बाद बीडीओ को दोषी मानते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया था। बावजूद इसके, स्थानीय स्तर पर अधिकारियों ने मामले को दबाए रखा और समय पर आरोप पत्र दाखिल नहीं किया।
विभाग सख्त, कार्रवाई तय
ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव मनोज प्रसाद ने बताया कि आयोग के निर्देश के बावजूद देरी करने वाले अधिकारियों की पहचान कर ली गई है। सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इसकी रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी।









