Jharkhand News: हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार एक बार फिर केंद्र से टकराने के मूड

 

रांची : हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार एक बार फिर केंद्र से टकराने के मूड में है हर क्षेत्र से मीडिया रिपोर्ट आते रहते हैं परन्तु ऐसा नहीं है मौजूदा हेमंत सरकार परिवर्तन कि और आने वाले समय में दिखाई देंगी इसका संकेत दिखाई देने ‌लगा है..? दरअसल कांग्रेस गठबंधन से जो सरकार झारखंड में चल रही है कहीं ना कहीं हेमंत सोरेन सरकार उचित निर्णय नहीं ले पा रहे हैं कहीं ना कहीं दबाव में है अपने आप को महसूस कर रहे हैं यानी सरकार के अन्दर खटपट चल रहा है !

सूत्रों के माने तो बिहार विधानसभा चुनाव के पहले या बाद में कहीं बीजेपी से साथ गांठ नहीं कर लें झामुमो ऐसा ग्रह गोचर दिखाई दे रहा है इसका भी दो कारण हैं ..?

पहला : बीजेपी के साथ हेमंत सोरेन को कोई दिक्कत नहीं था परन्तु जितना फजीहत सोशल मीडिया के द्धारा बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने उठाया और वह मजबूत होते गए इसी दौरान कई अधिकारी पर गिरी गाज जेल तक जाना पड़ा बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा दिल्ली दरबार तक उठाया गया विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर उसको उछाल गया परन्तु क्या हुआ..? जहां देखें ईडी का नाम से पूरे राज्य में खोफ दिखाई देने लगा परन्तु आज क्या है ..?

दुबारा  हेमंत सोरेन पहले से भी ज्यादा विधानसभा सीट हासिल कर के दिखा दिया कि अबुआ राज्य का बबुआ है परन्तु बबुआ राज्य में जो बबुआ को जो राज्य हित के लिए काम करना था उस से कभी भी काफी दूर अपने आप को महसूस कर रहे है सूत्रों के माने तो आने वाले समय में उनके चाचा चंम्पाई सोरेन बीजेपी झामुमो गठबंधन का किंगमेकर बनेंगे!

 दूसरा : (शराब घोटाले) शराब घोटाले को लेकर दिल्ली कि केजरीवाल सरकार पर गिरी गाज जेल तक गये (अरबिद केजरीवाल) (मनीष सिसोदिया) और विधानसभा चुनाव से भी हाथ धोना पड़ा वहीं हाल छत्तीसगढ़ में हुआ ईडी एसीबी ने की केस दर्ज किया सूत्रों के अनुसार जिस नोटशीट के आधार पर शराब घोटाले का षड्यंत्र रचा गया, उसमें कवासी लखमा समेत भूपेश बघेल के भी हस्ताक्षर हैं ईडी की गिरफ्त में मौजूद लखमा से दो हजार करोड़ रुपये के इस घोटाले में बघेल की भूमिका को लेकर भी सवाल-जवाब गया जांच में सामने आया है कि लखमा को प्रति माह शराब सिंडिकेट की ओर से दो करोड़ रुपयों के कमीशन का भुगतान किया जाता था!

अब इसका तार झारखंड से भी जुड़ा मिला हेमंत सोरेन के करीबी ख़ास माने जाने वाले आईएएस अधिकारी विनय कुमार चोबे भी अब कटघरे में आते दिख रहे हैं पहले ही ईडी बुला कर पूछताछ कर चुकी है अब रायपुर एसीबी टीम ने बुलाया है अब आईएएस अधिकारी विनय कुमार चोबे की स्थिति सांप छछूंदर जैसी होती दिख रही है वहीं हाल होगा जैसा हेमंत सोरेन होटवार जेल गए थे तो उनके करीबी (अभीषेक श्रीवास्तव उर्फ पिन्टु) ईडी के सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हो गये थे ..? उस प्रकार शराब घोटाले में कहीं एसीबी ने कहीं सरकारी गवाह या स्टेटमेंट रिकॉर्ड किया आईएएस अधिकारी विनय कुमार चोबे तो हेमंत सरकार को भारी दिक्कत का सामान करना पड़ सकता है आने वाले समय में हेमंत सोरेन गाज़ गिरना तय हो जायेगा इसको देखते हुए हेमंत सोरेन ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से अपना संबंध जोड़ना शुरू कर दिया उनके यहां सामारोह में शरीक तक हुए बातें तक हुई समाधान निकाले का मंथन किया जा रहा है आगे आने वाले समय में कहीं ऐसा ना हो कि झामुमो और बीजेपी की गठबंधन का सरकार देखने को झारखंड में मिले !

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