रूपेश मिश्रा,कटिहार। सड़क हादसे में घायलों की मदद कर उनकी जान बचाने वालों को सरकार 25 हजार रुपये का पुरस्कार देगी। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से राह-वीर योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा केयर सेंटर पहुंचाने में मदद करने वाले पात्र व्यक्ति को नकद पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। जिला परिवहन पदाधिकारी डेजी रानी ने आम लोगों से सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है।
जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार, सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा घायल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है। इस दौरान समय पर इलाज मिलने से घायल की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में दुर्घटना के बाद घायल को अनदेखा करने के बजाय सुरक्षित तरीके से उसकी मदद करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस और पुलिस को सूचना देकर घायल को जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सहयोग करना चाहिए।
कई लोग मदद करेंगे तो आपस में बंटेगी राशि
राह-वीर योजना के तहत एक घायल की मदद करने वाले कई लोगों को भी पुरस्कार का लाभ मिल सकता है। ऐसी स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि मददगारों के बीच समान रूप से बांटी जाएगी। इसके अलावा उत्कृष्ट योगदान देने वाले 10 राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर हर साल एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का भी प्रावधान है।
पुलिस की पूछताछ का नहीं होना चाहिए डर
सड़क हादसों में घायलों की मदद करने से कई लोग पुलिस की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के डर से पीछे हट जाते हैं। जबकि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134ए और संबंधित नियमों के तहत सद्भावना से मदद करने वाले लोगों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। ऐसे लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए और उनकी निजता का सम्मान किया जाना चाहिए।
जिला परिवहन कार्यालय ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को देखकर आगे बढ़ने के बजाय उसकी मदद करें। समय पर दी गई सहायता किसी की जान बचा सकती है। सड़क पर सिर्फ राहगीर नहीं, राह-वीर बनकर दूसरों की जिंदगी बचाने में योगदान दें।









