सारण: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतगणना के दौरान कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। चुनावी मैदान में उतरे 18 प्रत्याशियों में चार ऐसे रहे, जिन्हें प्रथम वरीयता का एक भी मत नहीं मिला। वहीं, सात प्रत्याशी ऐसे रहे, जिन्हें 10 मत भी नसीब नहीं हुए। इन आंकड़ों ने चुनाव में प्रत्याशियों के जनसमर्थन की स्थिति को उजागर कर दिया है।
चार प्रत्याशियों का नहीं खुला खाता
प्रथम वरीयता के मतों की गिनती में कैलाश तिवारी, नुमान अहमद खान नजमी, बैतुल्लाह अंसारी और लालू प्रसाद यादव अपना खाता तक नहीं खोल सके। चुनाव में उतरने के बावजूद इन प्रत्याशियों को एक भी प्रथम वरीयता का मत प्राप्त नहीं हुआ।
सात प्रत्याशी दहाई का आंकड़ा पार करने में रहे नाकाम
मतगणना के आंकड़ों के अनुसार, सात प्रत्याशियों को प्रथम वरीयता के मतों में दहाई का आंकड़ा भी नहीं मिला। इनमें डॉ. प्रियांशु कुमार और सैयद नजमुल होदा को आठ-आठ मत प्राप्त हुए। राम पुकार सिन्हा को पांच, मनोहर कुमार श्रीवास्तव को चार और नजीर हुसैन को तीन मत मिले। वहीं, इमाम हसन और हिमांशु शेखर के खाते में दो-दो मत आए।
जनसमर्थन की तस्वीर आई सामने
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतों के आंकड़ों ने प्रत्याशियों के बीच जनसमर्थन के अंतर को सामने ला दिया है। जहां कुछ प्रत्याशियों को मतदाताओं का व्यापक समर्थन मिला, वहीं कई प्रत्याशी बेहद कम मत हासिल कर सके।
चुनाव परिणाम के ये आंकड़े बताते हैं कि चुनावी मैदान में उतरना और मतदाताओं का विश्वास हासिल करना दो अलग-अलग चुनौतियां हैं। प्रथम वरीयता के मतों में चार प्रत्याशियों का खाता नहीं खुलना और सात प्रत्याशियों का दहाई तक नहीं पहुंचना इस चुनाव के सबसे चर्चित पहलुओं में शामिल रहा।
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