News4Bihar : भारत में पत्रकारिता का स्वरूप तेज़ी से बदला है। काग़ज़ से स्क्रीन तक की इस यात्रा में वेब पत्रकारिता ने न केवल सूचना की गति को बदला, बल्कि लोकतंत्र के संवाद को भी नए आयाम दिए। ऐसे परिवर्तनशील दौर में वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (WJAI) का बीते सात वर्षों का सफ़र डिजिटल पत्रकारिता के संघर्ष, स्थापना और स्वीकृति की कहानी कहता है।
वेब पत्रकारिता लंबे समय तक हाशिये पर रखी गई—न संस्थागत मान्यता, न सुरक्षा और न ही एकजुट आवाज़। इसी शून्य को भरने के उद्देश्य से सात वर्ष पूर्व वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की नींव रखी गई। यह केवल एक संगठन की शुरुआत नहीं थी, बल्कि वेब पत्रकारों के आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई का प्रारंभ था।
संघर्ष से संगठन तक
शुरुआती वर्षों में संगठन को कई स्तरों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन वेब पत्रकारों को संगठित करने, उनकी समस्याओं को मंच देने और प्रशासन से संवाद स्थापित करने के प्रयास निरंतर जारी रहे। धीरे-धीरे संगठन एक ऐसे मंच के रूप में उभरा, जिसने डिजिटल पत्रकारों को पहचान और आत्मविश्वास दिया।
इस संगठनात्मक संघर्ष और विस्तार में WJAI के राष्ट्रीय महासचिव डॉ० अमित रंजन की भूमिका निर्णायक और प्रेरणादायी रही है। उन्होंने संगठन को केवल एक औपचारिक ढांचे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जमीनी स्तर से राष्ट्रीय मंच तक ले जाने में अहम भूमिका निभाई। संगठनात्मक विस्तार, जिला इकाइयों की मजबूती, पत्रकारों के अधिकारों के सवाल और डिजिटल मीडिया की वैधता को लेकर डॉ० अमित रंजन लगातार मुखर रहे हैं। उनके नेतृत्व में WJAI वेब पत्रकारों की सामूहिक आवाज़ बनकर उभरा है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल इस यात्रा को केवल उपलब्धियों का नहीं, बल्कि मूल्यों का सफ़र मानते हैं। उनका कहना है—
“वेब पत्रकारिता आज सूचना का सबसे प्रभावशाली माध्यम है। हमारा उद्देश्य कभी भी सिर्फ़ संगठन बनाना नहीं रहा, बल्कि वेब पत्रकारों को सम्मान, सुरक्षा और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ने का रास्ता देना रहा है। डिजिटल मीडिया लोकतंत्र की रीढ़ है और उसकी मजबूती हम सभी की ज़िम्मेदारी है।”
राष्ट्रीय महासचिव डॉ० अमित रंजन का कहना है कि “वेब पत्रकारिता आज लोकतंत्र की अग्रिम पंक्ति में खड़ी है। सूचना के इस डिजिटल युग में वेब पत्रकार न केवल खबरें देते हैं, बल्कि सत्ता और समाज के बीच सेतु का काम करते हैं। WJAI का सात साल का सफ़र इस बात का प्रमाण है कि जब पत्रकार संगठित होते हैं, तो उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। हमारा संकल्प है कि वेब पत्रकारिता को न केवल मान्यता मिले, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्रता भी सुनिश्चित हो। यह संगठन किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि हर उस पत्रकार का है जो सच के पक्ष में खड़ा है।”
2018 में छपरा से उठी आवाज़ 2019 में यहीं लिया सांगठनिक स्वरुप
वेब पत्रकारिता और वेब पत्रकारों के हितों के संरक्षण के मद्देनजर दिसम्बर 2019 में छपरा के एकता भवन में WJAI जैसे संगठन की घोषणा हुई और फरवरी 2019 में रामकृष्ण मिशन आश्रम में इसे पहला सांगठनिक ढांचा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के साथ मिला।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से सबसे स्व नियामक बॉडी के रुप में संबद्धता ने राष्ट्रीय फलक पर किया स्थापित.
अपने जन्मना उद्देश्यों और लक्ष्यों को लेकर संगठन ने वेब जर्नलिज्म के दोयम दर्जे, अपमान और जलालत के खिलाफ नई पत्रकारिता को वैधानिक स्वरुप प्रदान करने की दिशा में लगातार प्रयास शुरु किए और सूचना प्रसारण मंत्रालय के साथ अपने डूज एंड डांट्स के साथ संवाद स्थापित कर वेब पत्रकारिता के स्व नियमन की आवाज उठाई। अंततः 2021 में सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा डिजिटल मीडिया इथिक्स कोड लाया गया और त्रिस्तरीय ग्रिवांस रिड्रेसल की व्यवस्था करते हुए सेल्फ रेग्यूलेटरी बॉडी- एसआरबी के गठन की पहल की गई और संगठन की एसआरबी WJSA देश का सबसे बड़ा स्व-नियामक बॉडी के रुप में अपने 82 पोर्टलों के साथ निबंधित हुआ।
2023: पटना से उठा राष्ट्रीय स्वर
वर्ष 2023 में पटना स्थित होटल पानाश में आयोजित आयोजन संगठन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इस कार्यक्रम में कई मंत्री, वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया जगत से जुड़ी हस्तियाँ एक मंच पर उपस्थित रहीं।
यह आयोजन महज़ एक समारोह नहीं था, बल्कि वेब पत्रकारिता को लेकर गंभीर विमर्श का केंद्र बना—जहाँ अधिकार, सुरक्षा और मीडिया की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।2025: दिल्ली में डिजिटल पत्रकारिता की स्वीकार्यता
इसके बाद वर्ष 2025 में नई दिल्ली के होटल ब्लू रेडीशन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम संगठन के लिए एक बड़ी उपलब्धि रहा। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर की बतौर मुख्य अतिथि उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
इस मंच से यह स्पष्ट संदेश गया कि वेब मीडिया अब केवल वैकल्पिक माध्यम नहीं, बल्कि मुख्यधारा का प्रभावी स्तंभ बन चुका है।
*दिसंबर 2025: भागलपुर का ऐतिहासिक अध्याय*
सात वर्षों की इस यात्रा का सबसे सशक्त और ऐतिहासिक पड़ाव 2025 के अंत में भागलपुर में आयोजित समारोह रहा। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे, ब्रजेश सिंह, प्रो० संजय द्विवेदी समेत देश के कई प्रतिष्ठित पत्रकारों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।
यह आयोजन वेब पत्रकारिता के सामाजिक और राजनीतिक महत्व को रेखांकित करता है।
संगठन की भूमिका और भविष्य
इन सात वर्षों में वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने केवल आयोजन ही नहीं किए, बल्कि पत्रकार प्रशिक्षण, डिजिटल एथिक्स, मीडिया कानून और पत्रकार सुरक्षा जैसे विषयों पर निरंतर कार्य किया। कई मामलों में संगठन ने वेब पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाई और प्रशासन से संवाद कायम किया।
*सफल यात्रा*
वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया का सात साल का यह सफ़र इस बात का प्रमाण है कि संगठित प्रयास, स्पष्ट दृष्टि और पत्रकारिता के मूल्यों के साथ डिजिटल मीडिया भी लोकतंत्र का मजबूत प्रहरी बन सकता है।
यह केवल एक संगठन की कहानी नहीं, बल्कि भारत में वेब पत्रकारिता के सम्मान और स्वीकार्यता की सामूहिक यात्रा है।
















